डॉ. विश्वजित् बर्मन. 2025. “भारतीय जीवनदर्शन में पुरुषार्थ-चतुष्टय और वर्तमान समाज में उसका महत्व”. Sampreshan, ISSN:2347-2979 UGC CARE Group 1 15 (4):95-108. https://doi.org/10.8476/sampreshan.v15i4.444.